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5 दिन बाद भी चुप्पी क्यों? रेहटी के विजयासन हॉस्पिटल मामले में कार्रवाई का इंतज़ार

बलराम सिसोदिया-9893862663

5 दिन बाद भी चुप्पी क्यों? रेहटी के विजयासन हॉस्पिटल मामले में कार्रवाई का इंतज़ार

रेहटी-रेहटी नगर स्थित विजयासन हॉस्पिटल में मरीज मनीराम की मौत के पांच दिन बीत जाने के बाद भी स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। ग्राम बोरघाटी निवासी मनीराम की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत जानकारी देने के आरोप लगाए थे। मामला बढ़ने पर पुलिस ने पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिलाया था। लेकिन पांच दिन बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है, न ही यह स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल की उपचार प्रक्रिया, डॉक्टरों की योग्यता और उपलब्ध विशेषज्ञता की जांच किस स्तर पर पहुंची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार बताया जा रहा है, पर सवाल यह है कि जांच की पारदर्शिता पर जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?

स्वास्थ्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल, बीएमओ और सीएमओ की चुप्पी चर्चा में

स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि क्षेत्र में कई निजी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता स्पष्ट नहीं रहती, फिर भी मरीज भर्ती किए जाते हैं। यदि संबंधित विशेषज्ञ मौजूद नहीं थे तो भर्ती क्यों किया गया यह बड़ा सवाल बना हुआ है। बुधनी बीएमओ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीहोर की ओर से अब तक कोई औपचारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पत्रकारों को भी जांच की प्रगति पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर घटना के बाद आश्वासन और जांच की घोषणा होती है, लेकिन ठोस कार्रवाई सामने नहीं आती। यदि अस्पतालों में विशेषज्ञता और पंजीकरण की नियमित समीक्षा हो रही है तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती? अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं। फिलहाल, प्रशासन की चुप्पी ही सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने है।

 

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