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सलकनपुर में 10 रुपए के अन्नपूर्णा भंडारे पर छिड़ी बहस,
व्यापारी समिति अध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने ट्रस्ट की अपील पर उठाए सवाल

सलकनपुर में 10 रुपए के अन्नपूर्णा भंडारे पर छिड़ी बहस, व्यापारी समिति अध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने ट्रस्ट की अपील पर उठाए सवाल
रेहटी-सलकनपुर देवी मंदिर क्षेत्र में संचालित अन्नपूर्णा भंडारे को लेकर नया विवाद सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट द्वारा सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि माता रानी के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या संस्था को दान अथवा चंदा न दें। ट्रस्ट का कहना है कि कुछ लोग आसपास के गांवों और शहरों में कथित रूप से नकली रसीदों के जरिए दान राशि एवं अन्न एकत्र कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट ने किसी को भी इसके लिए अधिकृत नहीं किया है। ट्रस्ट की इस अपील पर किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं सलकनपुर व्यापारी समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समिति ट्रस्ट के नाम का उपयोग किए बिना केवल श्रद्धालुओं को सस्ता और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहयोग राशि एकत्र कर रही है, तो उसे गलत ठहराना उचित नहीं है। अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पंचायत भवन के सामने संचालित अन्नपूर्णा भंडारे में प्रतिदिन श्रद्धालुओं को नीचे बैठाकर सम्मानपूर्वक मात्र 10 रुपए में भोजन कराया जा रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से दूर-दराज़ से आने वाले गरीब, मजदूर, बुजुर्ग एवं सामान्य श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि हर श्रद्धालु महंगे होटल या भोजनालय में भोजन करने में सक्षम नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह समाजसेवा की भावना से संचालित व्यवस्था है और यदि इसके संचालन के लिए समाज के लोग स्वेच्छा से सहयोग राशि देते हैं, तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब तक किसी संस्था द्वारा मंदिर ट्रस्ट के नाम का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा और श्रद्धालुओं को भ्रमित नहीं किया जा रहा, तब तक ऐसे जनहित के प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अनिरुद्ध दुबे ने यह भी कहा कि सलकनपुर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और ट्रस्ट को दान भी पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होता है। ऐसे में ट्रस्ट स्वयं भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थायी रूप से कम दर पर भोजन जैसी जनहितकारी व्यवस्था शुरू करने पर विचार करे, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिल सके। ट्रस्ट की अपील और व्यापारी समिति की इस प्रतिक्रिया के बाद सलकनपुर में अन्नपूर्णा भंडारे और चंदा संग्रह को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क सामने आने से यह मामला अब स्थानीय स्तर पर बहस का विषय बन गया है

