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रेहटी के महाविद्यालय कॉपी चेकिंग मामले में आखिर कार्रवाई कब, उठते सवाल?

बलराम सिसोदिया-9893862663

रेहटी के महाविद्यालय कॉपी चेकिंग मामले में आखिर कार्रवाई कब, उठते सवाल?

रेहटी -सीहोर जिले के रेहटी शासकीय स्नातक महाविद्यालय का कॉपी चेकिंग मामला सुर्खियों में बना हुआ है। लेकिन सवाल यह उठता है कि इतने दिन भी जाने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों ने लापरवाह प्राचार्य पर कोई कार्यवाही नहीं। जिससे कई सवाल उठने लाजिमी है। पूरा मामला यह है, रेहटी शासकीय स्नातक महाविद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसने खूब चर्चाएं बटोरी थी, वीडियो में साफ देखा जा रहा था कि किस प्रकार से आउटसोर्स कर्मचारी द्वारा विद्यार्थियों के कॉपी जांची जा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद प्राचार्य अंजली गढ़वाड़ ने पूरे मामले पर अपनी ओर से पूरी तरह से पल्लाझाड़ते हुए वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला दे दिया कि वही जबाव देंगे। मामले को एनएसयूआई के द्वारा भी उठाया गया प्रदर्शन किया गया ज्ञापन सोपा गया परंतु आज तक लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। जिस प्रकार से महाविद्यालय की प्राचार्य ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठते है और यह सब हुआ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के गृह जिले में लेकिन आज भी जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर मेहरबान बने हुए है या मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उठते सवाल ? आखिर कार्रवाई कब

वीडियो वायरल होने के बाद भी संबंधित अधिकारी आज भी लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर मेहरबान बने हुए हैं, कारण के है कि अभी तक इन अधिकारी कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एनएसयूआई के ज्ञापन के बाद महाविद्यालय की प्राचार्य ने अपनी ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह हवाला दिया कि उक्त कॉपी चैकिंग मामले को संज्ञान में लेते हुए बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा कार्यवाही करते हुए शासकीय महाविद्यालय रेहटी का कॉपी चैकिंग/मूल्यांकन हेतु बनाया गया सेंटर समाप्त कर दिया गया है साथ ही रेहटी कॉलेज के सहायक प्राध्यापक / अतिथि विद्वानों को मूल्यांकन हेतु कॉपी देने से विश्वविद्यालय द्वारा मना कर दिया गया है। लेकिन अब सवाल लिए उठना है कि इस पूरे मामले में प्राचार्य की भी भूमिका साफ नजर आ रही है। बावजूद सम्बंधित विभाग के अधिकारी प्राचार्य महोदया पर मेहरबान है।

*प्राचार्य वरिष्ठ अधिकारियों का कहकर झाड़ लेती पल्ला*
इस पूरे मामले में जब भी मीडिया द्वारा प्राचार्य अंजली गढ़वाड़ से मामले के बारे में जानकारी लेना चाहिए तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा जाता है मैं कुछ नहीं कहूंगी मेरे से वरिष्ठ अधिकारी बोलेंगे वरिष्ठ अधिकारियों के पास फोन लगाने पर आप ना फोन नहीं उठा रहे हैं ना कोई जवाब दे रहे हैं कुल मिलाकर जांच के नाम पर दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। लगातार मीडिया द्वारा समाचार प्रकाशित किया जा रहा है लेकिन दोषियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है

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