मध्य प्रदेश
गौशाला में भ्रष्टाचार का आरोप: आवलीघाट में भूख-प्यास से तड़प रहीं गौमाता, आए दिन हो रही मौतें
बलराम सिसोदिया-9893862663

गौशाला में भ्रष्टाचार का आरोप: आवलीघाट में भूख-प्यास से तड़प रहीं गौमाता, आए दिन हो रही मौतें
सरपंच-सचिव पर अनुदान राशि हड़पने का आरोप, शिकायतों के बाद भी नहीं जागे अधिकारी,
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग लग रहे हैं आरोप
रेहटी -जनपद पंचायत बुधनी अंतर्गत रेहटी तहसील की ग्राम पंचायत आवलीघाट की शासकीय गौशाला का सोशल मीडिया पर वीडियो फोटो वायरल हो रहा है जिसमें ग्रामीणों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाया जा रहा है। शासकीय गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा गौशाला संचालन हेतु पर्याप्त धनराशि दिए जाने के बावजूद सरपंच और सचिव द्वारा गौमाता की सेवा में राशि खर्च नहीं की जा रही, बल्कि सरकारी पैसों का दुरुपयोग कर अपनी जेब भरने का काम किया जा रहा है। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण गौशाला में आए दिन गौमाता की मृत्यु हो रही है और हालात लगातार भयावह बनते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला में न तो चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही उपचार की उचित सुविधा। कई गायें बीमार हालत में पड़ी रहती हैं और समय पर इलाज न मिलने से उनकी मौत हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर से हालात बिगड़ने के बाद लोग प्रशासन से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने की मांग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के सचिव प्रकाश दायमा ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में दो गौशालाएं संचालित हैं। पहली गौशाला लगभग 50 वर्षों से संचालित हो रही है, दूसरी गौशाला शासकीय गौशाला है, जो लगभग दो वर्ष पूर्व शुरू की गई है। इस गौशाला का नाम मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना अंतर्गत “पशु उपचार स्थल” रखा गया है। सचिव के अनुसार इस गौशाला का संचालन पंचायत द्वारा किया जा रहा है और यहां लगभग 100 गायों के उपचार सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार कुछ लोगों ने अधिकारियों से मौखिक व लिखित शिकायतें भी की हैं, वहीं कई लोगों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई सख्त निरीक्षण या कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गौशाला का तत्काल निरीक्षण कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही गौशाला में चारा, पानी और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कर गौमाता की जान बचाई जाए।

